नेशनल डेस्क
नई दिल्ली
केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम की लोकसभा सदस्यता मामले में उन्हें तगड़ा झटका लगा है। मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने इस मामले में कहा है कि चिदंबरम के खिलाफ केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत है। कोर्ट ने कहा कि यह केस चलता रहेगा। एआईडीएमके के नेता राजा कनप्पन ने वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाया था और उनकी जीत को चुनौती दी थी। यानी उन्होंने वर्ष 2009 के शिवगंगा सीट पर चिदंबरम की जीत पर सवाल उठाया था जिसे चिदंबरम ने जीता था। मद्रास हाईकोर्ट ने आज के फैसले में कहा है कि इस केस के सिलसिले में पर्याप्त सबूत है इसलिए इसे बंद नहीं किया जा सकता है। चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी से 2009 में लोकसभा चुनाव जीता था।
चिदंबरम की लोकसभा सदस्यता का विवाद 2009 में उनकी जीत के साथ ही शुरु हो गया था। शिवगंगा सीट पर चिदंबरम के खिलाफ खड़े थे एआईडीएमके के प्रत्याशी राजा कन्नपन और उन्होंने ही चिदंबरम की जीत पर सवाल उठाया था। चुनावी नतीजे के दिन राजा कन्नपन शुरु से चिदंबरम पर बढ़त बनाए हुए थे लेकिन आखिर में वो 3,354 वोटों से हार गए थे। राजा कन्न्पन ने आरोप लगाया कि शिवगंगा की जनता ने तो उन्हें ही चुना था लेकिन डेटा एंट्री ऑपरेटर ने खेल करके उनके पक्ष में पड़े वोटों को चिदंबरम के खाते में डाल दिया।
राजा कन्नपन ने 25 जून 2009 को चिदंबरम की जीत को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की। जवाब में चिदंबरम ने दलील दी कि राजा कन्नपन की याचिका में कई खामियां हैं लिहाजा इसे खारिज किया जाए। चिदंबरम ने दावा किया था कि हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने भी कन्नपन की याचिका में खामियों की बात कही है, लेकिन 4 अगस्त 2011 को मद्रास हाईकोर्ट ने चिदंबरम की याचिका को खारिज कर दिया और मामले की सुनवाई जारी रखी।

चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ीं, जारी रहेगा केस 





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