नेशनल डेस्क
नई दिल्ली
भ्रष्टाचार के खिलाफ बीते एक सप्ताह से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, बता दें कि केजरीवाल मधुमेह के रोगी हैं। उन्होंने कहा है कि वह कमजोरी महसूस कर रहे हैं लेकिन सरकारी अस्पताल में नहीं जाएंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि वहां वह निश्चित रूप से मर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह आत्महत्या नहीं कर रहे हैं। यह तो देश के लोगों के लिए बलिदान है।
उन्होंने अनशन स्थल जंतर-मंतर पर समर्थकों से कहा कि वह सरकारी अस्पताल राम मनोहर लोहिया की उनके स्वास्थ्य के सम्बंध में दी जा रही जानकारियां लेना बंद कर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इस अस्पताल पर भरोसा नहीं है। केजरीवाल ने समर्थकों से कहा, `मैं कमजोर हो गया हूं लेकिन सरकार कह रही है कि वह मुझे अस्पताल में भर्ती करेगी क्योंकि मैं आत्महत्या की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन यदि वह ऐसा करती है तो आप लोगों को मुझे अस्पताल से बाहर निकाल लेना चाहिए।`
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया तो वह निश्चित रूप से मर जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह आत्महत्या नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, `यह लोगों के लिए बलिदान है।` अन्ना हजारे ने वहां मौजूद लोगों से कहा, `लोग तभी आत्महत्या करते हैं, जब वे किसी परेशानी का सामना कर रहे हों लेकिन केजरीवाल के साथ ऐसा नहीं है।` बुधवार को अन्ना के अनशन का जहां चौथा दिन है, वहीं केजरीवाल को ऐसा करते हुए एक सप्ताह हो गया है। डॉक्टर्स का कहना है कि वह कमजोर हो गए हैं लेकिन उनका स्वास्थ्य स्थिर है। सुबह से जारी रिमझिम बारिश के चलते अनशन स्थल पर आज अन्ना समर्थक कम संख्या में पहुंचे हैं। केजरीवाल के अलावा टीम अन्ना के दो और सदस्य मनीष सिसौदिया व गोपाल राय भी अनशन पर हैं।

केजरीवाल ने कहा, “देश के लिए बलिदान दूंगा”





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एनएनआई डेस्क
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