Monday, Dec 22nd

Last update05:16:36 PM GMT

You are here:: देश हंगामे के साथ हुयी मानसून सत्र की शुरूआत

हंगामे के साथ हुयी मानसून सत्र की शुरूआत

E-mail Print PDF

उमेश कुमार
नई दिल्ली
।। संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में असम हिंसा के मुद्दे पर और राज्यसभा में विपक्ष और सरकार को बाहर से समर्थन दे रही बसपा के सदस्यों के विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण कार्यवाही 12 बारह बजे तक स्थगित कर दी गई।

 


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार संसद के नियमों और परंपराओं के अनुसार किसी भी विषय पर बहस कराने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष दोनों सदनों में सरकारी कामकाज को पूरा करने में हरसंभव सहयोग देगा। संसद की इमारत के भीतर प्रवेश करने से पहले संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, हमारी सरकार किसी भी मुद्दे पर संसद के नियमों और परंपराओं के अनुरूप बहस कराने के लिए तैयार है।


असम में जातीय हिंसा के मामले को लेकर बीजेपी की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव लाए के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, हम संसद को बहस का मंच मानते हैं। उन्होंने कहा कि असम की हिंसा के बारे में उनके बयान का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि संसद में क्या कुछ होता है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घरने का मन बना चुका है। इस सत्र के दौरान सरकार संसद में करीब 31 बिल पेश करेगी, हालांकि लोकपाल बिल अभी लिस्ट में नहीं है। सरकार के रणनीतिकारों की मानें तो सेलेक्ट कमेटी से बिल के आने के बाद उसे राज्यसभा में पेश किया जा सकता है।


इसके अलावा स्पेक्ट्रम, कोयला ब्लॉक आवंटन और एयरसेल-मैक्सिस सौदे जैसे कथित घोटालों पर भी विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। तमिलनाडु एक्सप्रेस ट्रेन में लगी आग सहित पिछले कुछ दिनों में बढ़ती रेल दुर्घटनाओं के मामलों को उठाकर सरकार की दुखती रग को दबाने का भी प्रयास होगा। रेल मंत्रालय ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के पास है, जो कांग्रेस का सहयोगी दल है। इस साल देश के अधिकतर हिस्से में मॉनसून की कमी का विषय भी संसद में जोर-शोर से उठेगा।

AddThis Social Bookmark Button
Comments (0)Add Comment

Write comment

busy