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उत्तराखंड आपदाः केंद्र ने दिया मदद का आश्वासन

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प्रादेशिक डेस्क
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्राकृतिक अपदा प्रभावित उत्तराखंड में उत्पन्न स्थितियों पर चिंता प्रकट की और राज्य को केंद्रीय सहायता देने का भरोसा दिया। मनमोहन सिंह ने मंगलवार को रक्षा मंत्रालय को भारी बारिश व भूस्खलन के कारण के दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वहां हेलीकॉप्टर भेजने के निर्देश दिए और मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को इस संकट से उबरने में हर संभव मदद का अश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित दूरदराज के क्षेत्रों से लोगों को बाहर निकालने के लिए रक्षा मंत्रालय को हेलीकॉप्टर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हिमालय के इस उप क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बाढ़ और बादल फटने तथा भूस्खलन के कारण वार्षिक चार धाम की यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु फंसे हुए हैं, जबकि 31 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तराखंड में बाढ़ तथा भूस्खलन की स्थिति के बारे में जानकारी के लिए राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को मंगलवार को पत्र लिखा और केंद्र की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सोनिया ने प्रभावित परिवारों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राहत पैकेज के लिए वह प्रधानमंत्री से बात करेंगी।


सोनिया ने कहा कि यह एक मानवीय त्रासदी है। मैं उन परिवारों को लेकर चिंतित हूं, जिन्होंने अपने करीबियों को खोया है, जो घायल हुए हैं या जिनके घर उजड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार इस समस्या से निपटने तथा लोगों को राहत प्रदान करने के लिए तेजी से काम कर रही है। मैंने इस बारे में प्रधानमंत्री से बात की है। मैं जल्द से जल्द केंद्र से सहायता मुहैया करवाने की कोशिश करूंगी।


उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से फोन पर बातचीत की। मंत्री ने उन्हें इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। सुषमा ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा है कि मैंने शिंदे से बात की है और उनसे अनुरोध किया कि श्रद्धालुओं को बाहर निकालने के लिए सेना तथा वायु सेना की मदद ली जाए। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया कि वह जल्द से जल्द इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे।

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