बिज़नेस डेस्क
मुंबई
किगंफिशर के बाद अब जेट एयरवेज भी संकट के बादल छा गए हैं। जेट एयरवेज को भी चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 713.60 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा। गौरतलब है कि मंहगे हवाई ईधन और यात्रियों की संख्या में कमी के कारण जेट एयरवेज को यह घाटा हुआ।
आपको बात दें कि बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी ने 12.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बहरहाल जुलाई-सितंबर 2011 की अवधि में कंपनी की कुल आय बढ़कर 3332.07 करोड़ रुपये हो गई, जबकि बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यह आकंड़ा 3103.22 करोड़ रुपये रहा था। जेट एयरवेज के मुताबिक 30 सितंबर 2011 को समाप्त तिमाही में उसका शुद्ध लाभ डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी के कारण भी प्रभावित हुआ। तेल कीमतों में 41 प्रतिशत की सालाना वृद्धि होने के कारण उसे 258 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा रहा है। जिससे वित्त वर्ष जेट एयरवेज को 713 करोड़ रूपयों का घाटा हुआ। निजी क्षेत्र की दूसरी विमान सेवा कंपनी किंगफिशर पहले ही घाटे के दौर से गुजर रही है। किंगफिशर को 2010-11 में 1027 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जो अब बढ़कर 7,057.08 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

किंगफिशर के बाद जेट एयरवेज पर भी संकट, 713 करोड़ का घाटा





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