बिजनेस डेस्क
एनएनआई
कर्ज में डूबी किंगफिशर एयलाइन के मालिक विजय माल्या ने कहा कि उन्होंने किसी के आगे झोली नहीं फैलाई। किंगफिशर के मालिक विजय माल्या ने मंगलवार को कहा कि उड़ानें रद्द करना व्यावसायिक फ़ैसला था और ऐसा मजबूरी में किया गया। कंपनी की गिरती माली हालत और शेयर की बुरी गत पर माल्या ने कहा कि शेयरधारकों का खयाल रखना उनकी जिम्मेदारी है। माल्या ने बताया कि उन्होंने सरकार से कोई मदद नहीं मांगी है और इस तरह की खबरें बेबुनियाद है।
उनका कहना था, "मैं जनता के टैक्स के पैसे से अपने लिए मदद नहीं मागूंगा। हां पूंजी की जरूरत है तो इसके लिए बैंकों से मंदद मांगी गई है।" उनका कहना था, "मेरी कंपनी ने देश के लिए जिम्मेदारी निभाई है। हमने कई ऐसे रूटों पर हवाई सेवा शुरू की थी जहां पहले कोई विमान सेवा नहीं थी और मैंने इन रूटों पर कोई कटौती नहीं की है।" माल्या के मुताबिक ये सच है कि हमें भारी घाटा हो रहा था लेकिन जैसी खबरें दी गईं हैं, वो गलत हैं। ऐसा नहीं है कि किंगफिशर दिवालिया हो गई है।
विजय माल्या ने बताया कि कंपनी को कर्ज संकट से उबारने की कोशिश हो रही है। लो फ्रिल एयरलाइन बंद इसलिए की गई क्योंकि ये कहने के लिए तो लो कोस्ट थीं लेकिन खर्च कहीं ज्यादा था। इस बीच कंपनी को लगातार दूसरी तिमाही में भारी घाटा हुआ है। जुलाई से सितंबर के बीच कंपनी का घाटा दोगुना होकर 468 करोड़ रूपए हो गया है। इससे पिछली तिमाही में कंपनी को लगभग 225 करोड़ रूपए का घाटा हुआ था।

माल्या ने कहा अभी दिवालिया नहीं हुई किंगफिशर





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