बिजनेस डेस्क
नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के साथ ही तेल कंपनियों पर दबाव पड़ने लगा है और इस बात की प्रबल संभावना है कि तेल कंपनियां आने वाले सप्ताह में पेट्रोल के दाम 3.56 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा दें। इससे पहले 24 जुलाई को पेट्रोल का दाम 70 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया था। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 12 डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुके हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने गुरुवार को कहा कि हमें पेट्रोल पर 1.37 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन के चेयरमैन आरएस बुटोला ने गुरुवार को यहां कहा कि हमें पेट्रोल पर 1.37 रुपये लीटर का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान सिंगापुर के बेंचमार्क मूल्य के आधार पर पिछले पखवाड़े के औसत से है, लेकिन अब इस महीने के औसत मूल्य के हिसाब से नुकसान बढ़कर 3.56 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। सरकार ने पेट्रोल के दाम जून 2010 में नियंत्रणमुकत कर दिये थे लेकिन तब से लेकर अब तक कभी भी इसके दाम बाजार के अनुरूप तय नहीं किए जा सके। कंपनियों ने पेट्रोल के दाम बढ़ाने का दबाव बनाया था लेकिन संसद के मानसून सत्र को देखते हुये उन्हें ऐसा करने से हतोत्साहित किया गया।
बुटोला ने कहा कि हमने इस मुद्दे पर विचार किया और बोर्ड स्तर पर भी इस पर चर्चा हुई है। हम इसे सरकार के समक्ष भी उठाते रहे हैं। हां, पेट्रोल के दाम बढ़ाने का मामला बनता है, हम इसके लिये दबाव बना रहे हैं, लेकिन मुद्रास्फीति उंची है, ऐसा करने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां चाहती हैं कि पेट्रोल को सरकार वापस अपने नियंत्रण में ले ले और इस पर भी नुकसान की भरपाई की जाए।

पेट्रोल के दामों में हो सकती है 3.50 रूपए/ली. की बढ़ोत्तरी





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