एनएनआई डेस्क
नई दिल्ली.
पद्मनाभ स्वामी मंदिर के तहखाने से मिले 5 लाख करोड़ के खजाने की सुरक्षा और रख-रखाव के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यों की टीम गठित की है। इसके अलावा कोर्ट ने मंदिर के छठे तहखाने को खोलने पर भी रोक लगा दी है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी यह निर्देश दिया है कि जब तक खजाने की कीमत की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो जाती है तब तक इसकी कीमत के बारे में आंकड़े न पेश किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर होने के बाद मंदिर के खजाने को खोलने का आदेश दिया गया था। खजाना खुलने के कुछ दिनों बाद ही उस याचिकाकर्ता की मौत हो गई थी। लोग इसे अपशकुन से जोड़कर देख रहे हैं। इस मंदिर की देख-रेख कर रहे त्रावणकोर के राज परिवार का कहना है कि मंदिर के छठे तहखाने में सबसे ज्यादा खजाना है। इसे खोलना अपशकुन होगा।
नेशनल म्यूजियम के डायरेक्टर जनरल को इस कमेटी का चीफ बनाया गया है। वे खजाने की सुरक्षा से लेकर उसकी रख-रखाव के लिए उचित रणनीति बनाएंगे। इस मामले पर अपना निर्णय सुनाते हुए जस्टिस आरवी रविंद्रन और जस्टिस एके पटनायक की बेंच ने कहा कि गठित की गई टीम अदालत को अपने काम की रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद ही कोर्ट इस मामले में अपना कोई फैसला सुनाएगा।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि खजाना निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी में केरल हाई कोर्ट के जज एमएन कृष्णा, त्रावणकोर राज परिवार के मार्तंड वर्मा और सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की विडियोग्रफी और फोटोग्रफी होगी। कोर्ट ने कहा कि जिस समय खजाना खोला जाए उस समय इस कमेटी के अलावा वहां कोई और मौजूद न हो।

अब खजाने की सुरक्षा करेगी सुप्रीम कोर्ट की टीम





देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में आठ साल की एक बच्ची को अगवा कर पांच महीने तक यातनाएं दी गईं। उसकी जीभ काट दी गई, दांत तोड़ दिए गए ...