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आरएसएस ने कहा हमारा काम नमो-नमो करना नहीं है

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नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयसेवा संघ सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि उनका काम नमो-नमो करना नहीं है। ये बात उन्होंने बेंगलुरू में प्रतिनिधि सभा की बैठक में कही, भागवत ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि भाजपा के लिए काम करते वक्त कभी भी मर्यादा न भूलें और व्यक्ति केंद्रित अभियान से दूरी बनाएं रखें।
भागवत जिस समय ये बातें कह रहे थे उस समय भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी बैठक में मौजूद थे। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक भागवत ने कहा कि हम राजनीति में नहीं हैं। हमारा काम नमो-नमो करना नहीं। हमें अपने लक्ष्य के लिए काम करना है।
संघ के मुखिया ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में तटस्थ रहकर काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारी अपनी मर्यादा है और हमें मर्यादा नहीं तोड़नी है। हालांकि, भागवत ने भाजपा को सत्ता में लाने के लिए संघ के प्रयासों का बचाव किया और कहा कि यह राष्ट्रहित में है।
उन्होंने कहा कि इस समय सवाल यह नहीं है कि कौन आना चाहिए। बड़ा सवाल यह है कि कौन नहीं आना चाहिए। अपने भाषण की शुरुआत भागवत ने यह कहते हुए की कि कई बार हमें ऐसे काम करने पड़ते हैं, जो आपस में विरोधाभासी लगते हैं। चुनाव के दौरान भाजपा के लिए काम करते हुए स्वयंसेवकों को यह ध्यान रखना है कि हम किसी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं।

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गौतमबुद्धनगर से अमर सिंह हो सकते हैं कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार?

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नोएडा/दिल्लीः सपा के पूर्व महासचिव ठाकुर अमर सिंह नोएडा लोकसभा से कांग्रस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्री की माने तो कांग्रेस ने अमर सिंह को गौतमबुद्धनगर से लोकसभा प्रतियाशी बनाया गया है। अगर कांग्रेस सूत्रों पर यकीन करें तो कभी मुलायम का दायां हाथ रहे पूर्व सपा नेता अमर सिंह कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।इतना ही नहीं, सत्तारूढ़ पार्टी उन्हें गौतम बुद्ध नगर से चुनाव भी लड़ा सकती है। फरवरी 2010 में उन्हें और अभिनेत्री-सांसद जया प्रदा को सपा से निकाल दिया गया था।

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जेडीयू का बिहार बंद,विशेष राज्य के दर्जे की मांग

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पटनाः बिहार में आज राज्य की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने राज्य को विशेष दर्जा की मांग को लेकर बंद बुलाया है। बंद का असर राजधानी पटना में सुबह से ही देखने को मिल रहा है।
बंद को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को तैनात किया गया है। सुबह से ही कई सड़कें बंद हैं, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही है।
बंद के दौरान सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने निवास स्थान से गांधी मैदान तक करीब चार किलोमीटर की पैदल यात्रा करेंगे। इस बंद को राज्य की समाजवादी पार्टी, सीपीआई और सीपीएम का भी समर्थन मिला हुआ है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र के सीमांध्र के तर्ज पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के विरोध में हड़ताल की पूर्व संध्या पर शनिवार देर शाम अपने आवास पर थाली पीटी।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के विरोध में पटना के 1, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर में नीतीश ने जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों विजय कुमार चौधरी और श्याम रजक, सांसद आरसीपी सिंह सहित पार्टी के अन्य नेताओं तथा रघुराम राजन कमेटी के सदस्य एवं अर्थशास्त्री शैवाल गुप्ता के साथ देर शाम सात बजे से 7.05 तक थाली पीटी और नारे लगाकर इसकी मांग की।
बाद में नीतीश ने कहा कि विरोध इस बात का है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने के लिए इतने लंबे अभियान, सब जगह संकेत देने और संसद में इस बात की चर्चा करने तथा इसके लिए मापदंडों को बदलने की जरूरत है। रघुराम राजन कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद जो कार्रवाई हो रही थी, उसे अचानक क्यों रोका गया।

 

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सुब्रत राय जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट का आज सुनवाई करने से इनकार

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नई दिल्ली/लखनऊः सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को सहारा समुह के चैयरमेन सुब्रत राय को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज सहारा श्री के मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद सुब्रत राय को आज का दिन जेल में भी बिताना पड़ेगा। लखनऊ पुलिस सहारा सिटी पहुंची और सुब्रत राय को हिरशत में लिया गया। वहीं सुब्रत राय की गिरफ्तारी के बाद उनकी सिटी के बाहर मीडिया,पुलिस व वकीलों का भारी जमावड़ा लगा रहा। सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी ने बयान दिया है कि सुब्रत राय ने यूपी पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।  इससे पहले सुब्रत राय ने आज कहा था कि वह गिरफ्तारी से भाग नहीं रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट आज उन्हें जो भी निर्देश देगा, वह उसका ‘बिना किसी शर्त पालन करने’ को तैयार हैं।
राय ने कहा कि वह अब भी लखनऊ में हैं और ‘चिकित्सकों के एक पैनल’ से विचार-विमर्श करने के लिए कुछ देर के लिए बाहर गए थे। राय ने कहा कि उन्होंने ‘पुलिस को पहले ही अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए कहा है।’ इससे एक ही दिन पहले पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर गई थी, लेकिन उसे वहां सहारा प्रमुख नहीं मिले थे।
राय ने बयान जारी करके सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह उन्हें ‘3 मार्च 2014 तक घर में नजरबंद रहकर अपनी बीमार मां के पास रहने की अनुमति दे।’ उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट चाहता है तो वह आज भी दिल्ली पहुंचने को तैयार है।
सुप्रीम कोर्ट ने राय के खिलाफ 26 फरवरी को गैर जमानती वारंट जारी करके पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने और 4 मार्च को अपने समक्ष पेश करने को कहा था।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के करीब 20 हजार करोड़ रुपये न लौटाने के मामले में सेबी की याचिका पर सुब्रत राय और तीन डायरेक्टरों को पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन सुब्रत राय अपनी मां की गंभीर हालत का हवाला देकर कोर्ट नहीं पहुंचे थे।

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यूपी सरकार ने माना सूबे में बढ रहे हैं अपराध

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लखनऊःराज्य में बढ़ते अपराधों पर जहां राज्य सरकार विपक्षी दलों पर बेवजाह हो हल्ला मचाने के आरोप लगाती थी, लेकिन अब खुद ही सरकार ने मान लिया है की सूबे में अपराध बढ़े हैं। शुक्रवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान नगर विकास राज्य मंत्री चितरंजन स्वरूप ने एक सवाल के जवाब में बताया कि 1 जनवरी 2013 से 14 जनवरी 2014 तक प्रदेश में विगत वर्ष की तुलना में डकैती के मामलों में 131.39, बलात्कार में 49.54, लूट में 16.66, हत्या में 0.69 और आगजनी में 19.03 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
कांग्रेस के नसीब पठान के सवाल के जवाब में चितरंजन स्वरूप ने यह भी बताया कि पहली जनवरी 2013 से 15 जनवरी 2014 तक प्रदेश में हत्या की 4937, आगजनी की 344, डकैती की 516, बलात्कार की 2801 और लूट की 3368 आपराधिक वारदातें हुईं। इसी सवाल पर अनुपूरक प्रश्न करते हुए नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पूर्ववर्ती बसपा सरकार के आखिरी दो और सपा सरकार के दो वर्षो में हुए अपराधों का ब्योरा तलब किया। जब इस पर नेता सदन अहमद हसन ने मायावती राज के मुकाबले सपा सरकार के कार्यकाल में अपराध कम होने की बात कही,तो नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के मंत्री सदन में तैयारी करके नहीं आते।
इस टिप्पणी पर सदन में मौजूद विकलांग कल्याण मंत्री अंबिका चौधरी ने एतराज किया। जवाब में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार पर आरोप लगाना और उसे कठघरे में खड़ा करना हमारा काम है। इस पर सत्ता पक्ष और बसपा सदस्यों के बीच गरमागरमी हुई। बसपा सदस्य सभापति गणोश शंकर पांडेय के आसन के सामने आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर सभापति ने प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया।
नसीब पठान के ही एक और सवाल के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के जिलों में हुए सांप्रदायिक दंगे में 65 लोगों की मौत हुई जिनमें दो अज्ञात हैं। इसके अलावा दंगे में 34 लोग गंभीर रूप से और 51 सामान्य रूप से घायल हुए। प्रत्येक मृतक आश्रित को दस लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को शैक्षिक योग्यता के आधार पर नौकरी दी गई है।
रामगोपाल ने माना, यूपी में बढ़ा अपराध का ग्राफ
निर्दल समूह के चेत नारायण सिंह के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने कहा कि प्रदेश में नियुक्तियों पर रोक हटाई नहीं गई है। जनोपयोगी विभागों के ऐसे महत्वपूर्ण पदों, सेवाओं जिन पर जनहित में तत्काल भर्ती किया जाना जरूरी है।

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