प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने विधायक निधि से 20 लाख रुपए कीमत तक की कार लेने का फैसला वापस ले लिया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि अब विधायक क्षेत्र विकास निधि के धन से अपने लिए वाहन खरीद सकते हैं। बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने हालांकि अखिलेश के इस फैसले का विरोध किया है। समाजवादी पार्टी ने के नेता मोहन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ये जो फैसला लिया था वो गलत था और पार्टी ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि कई अधिकारी और मंत्री मुख्यमंत्री को इस तरह से अनाप-शनाप फैसले के लिए भड़काते रहते हैं।
अखिलेश ने मंगलवार को कहा था कि विधायकों को अपने कामों के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है, इसलिए सरकार ने फैसला किया है कि वे अपनी क्षेत्र विकास निधि से 20 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस फैसले का विरोध करते हुए बीसपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि सरकार का यह फैसला सही नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विकास निधि का पैसा क्षेत्र के विकास के लिए होता है, न कि अपने निजी फायदे के लिए। इसलिए सरकार को यह फैसला वापस ले लेना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने भी क्षेत्र विकास निधि के पैसे से विधायकों को गाड़ी खरीदने की अनुमति दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि ऐसा करने से जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। उल्लेखनीय है कि 28 मई को शुरू हुए विधानसभा सत्र का मंगलवार को अंतिम दिन है।







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