प्रादेशिक डेस्क
कन्नौज
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की राजनीतिक कर्मभूमि व उनकी पत्नी डिम्पल यादव का संसदीय क्षेत्र कन्नौज जिले में पिछले 15 दिनों से खाली पड़ी पुलिस अधीक्षक की कुर्सी फरियादियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। फरियादी अपनी फरियाद लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय आते और मायूस होकर लौट जाते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि वीआईपी श्रेणी में आ चुके जिले में आखिरकार पुलिस अधीक्षक की तैनाती क्यों नहीं हुई या यहां फिर आने वाले अधिकारी, यहां काम करने से कतरा रहे हैं।
कन्नौज जिले के पुलिस अधीक्षक का कार्यालय पिछले 15 दिनों से बन्द है। पुलिस अधीक्षक की खाली पड़ी कुर्सी से यहां आने वाले फरियादियों को काफी दिक्कतो को सामना करना पड़ता है, फरियादियों को अपनी फरियाद सुनाने के लिए अन्य अधिकारियों के पास भटकना पड़ता है। सूत्रों की मानें तो सपा का गढ़ होने के चलते यहां सपाई, अधिकारियों पर हावी रहते हैं। अधिकारी अपने मुताबिक काम नहीं कर सकते। इसी के चलते पिछले कप्तान विनोद कुमार सिंह कहीं न कहीं अन्दर से जिले में नही रहना चाहते थे। अत: उनका स्थानान्तरण हो गया और उनकी जगह पर अशोक कुमार राघव की नियुक्ति हुई लेकिन नये पुलिस अधीक्षक ने कन्नौज में अपना स्थानान्तरण रुकवा लिया। 15 दिन गुजर चुके हैं लेकिन कन्नौज जिले में अभी तक पुलिस अधीक्षक की कुर्सी खाली पड़ी है। जिले में दो सप्ताह से ज्याद समय से खाली पड़ी पुलिस कप्तान की कुर्सी अपने आप में सवाल खड़ा करती है।







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