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कांग्रेस-द्रमुक की नहीं भ्रष्टाचार और परिवारवाद की हार है - नड्डा

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एनएनआई डेस्क। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर केंद्र की कांग्रेस सरकार को संसद से सड़को तक घेरने वाली देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी की भारी-भरकम प्रवक्ता मीडिया टीम के आठवें नवनियुक्त राष्ट्रिय प्रवक्ता एवं पार्टी के महासचिव जगत प्रकाश  नड्डा से पांच राज्यों में आये विधानसभा चुनाओं के परिणाम एवं उत्तर प्रदेश में पार्टी की स्थिति सहित तमाम मुद्दों पर हमारे संवाददाता अनिल पाण्डेय ने खास बातचीत की

आज पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाओं के नतीजे आ गए हैं जिसमे असम में आपको काफी नुकसान हुआ है वहीं दूसरी तरफ बस्तर और कर्नाटक में हुए उपचुनावों के परिणाम का जनाधार आपकी पार्टी को मिला है इसमें आपकी क्या प्रतिक्रिया है ? असम में मिली विफलता को आप स्वीकार करते है कि वहां आपका चुनाव प्रबंधन मज़बूत नहीं रहा जिसे वज़ह से वहां आपको हार का मुह देखना पड़ा?

जगत प्रकाश नड्डा : इन पांच राज्यों में असम को छोड़कर बाकि के चार राज्यों में पहले ही हमारी कोई सीटे नहीं थी। जबकि हमने तमिलनाडु और केरल में भी सीटें लायी है ये हमें पार्टी के लिए एक अच्छी शुरुआत है। वहीं बस्तर और कर्नाटक में हुए उपचुनावों में हमें जीत हासिल हुयी है ये हमारी बड़ी उपलब्धि है रही बात असम की तो वहां हमारी पार्टी का असम गण परिषद के साथ समझौता नहीं हो पाया जिससे हमें वहां नुकसान हुआ हम इस बात को स्वीकार करते हैं हमने अपने तरफ से पुरजोर कोशिश भी की थी अगप से तालमेल बैठाने की। आपने देखा होगा जिस तरह से बस्तर के उपचुनाव में कांग्रेस के अजीत जोगी वहां पैसे बाँट रहे थे उसका भी उनको जवाब वहां की जनता ने उन्हें दे दिया अगर कही सुशासन होगा तो वहां की जनता उसे ही अपना अधिकार देगी सबको पता है जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है वहां की क्या स्थिति है ये बात किसी से छुपी नहीं है आज हमारी पार्टी का शासन देश के 7 राज्यों में है और 2 में हमारी गठबंधन सरकारे हैं और वहां का विकाश दर भी लोंगो के सामने है अगर असम में कोई कमी रह गयी है तो अगली बार हम जरुर उसे पूरा करेंगे।

तमिलनाडु में जिस तरह से कांग्रेस - द्रमुक की हार हुयी है और वहां आपकी पुरानी साथी जयललिता की भारी जीत हुयी है उसे आपकी पार्टी किस नज़र से देखती है। क्या इस हार का असर कनिमोझी पर भी पड़ सकता है मेरा मतलब उनके जेल जाने और उन पर क़ानूनी सिकंजा कसने से है ?

जगत प्रकाश नड्डा : तमिलनाडु में भ्रष्टाचार और परिवारवाद की हार हुयी है जिस तरह से केंद्र में दोनों पार्टियों ने मिल कर भ्रष्टाचार किया इसका असर तो पड़ेगा ही लोग इतने मुर्ख नहीं हैं कि आप भ्रष्टाचार करते जाये और आपको उनका जनाधिकार मिलता जाये ये पूरी तरह से परिवारवाद का पतन है और आप देखिएगा केंद्र में भी कांग्रेस के परिवारवाद का पतन जरुर ओगा इतने बड़े बड़े घोटाले कहाँ जायेंगे। और रही बात कनिमोझी की तो उसका फैसला कोर्ट सुनाएगी। देश की जनता ने यह दिखा दिया है कि अब उसे भ्रष्टाचार गंवारा नहीं है ।

जिस तरह से पश्चिम बंगाल में वाम दल के लाल किले को ममता ने जमींदोज कर दिया है इससे क्या लगता है क्या अब भारत में भी मार्क्स वादी सिद्धांतों को लोग नकारने लगे हैं इस जीत को आप किसकी जीत मानते हैं ?

जगत प्रकाश नड्डा : ये बात सोलह आने सच है कि जिस तरह से पूरे विश्व में मार्क्स वाद सिद्धांत को दरकिनार कर दिया गया और यहाँ भी लोगों ने उससे किनारा कर लिया है पूरे चुनाव प्रचार में वाम दल ने वहां के लोगों से जिस तरह माफ़ी मांग मांग के चुनाव प्रचार किया ये उनकी कमियों को ही दर्शाता है अगर आप लगातार गलतियाँ करके माफ़ी मांगोगे तो लोग उसे भुला दे ऐसा संभव नहीं है पराजय तो वहां होनी ही है। ममता की जीत के लिए मैंने उन्हें बधाई देता हूँ और यह उम्मीद भी करता हूँ कि वो वहां अब दशकों से चले जा रहे ढर्रे में बदलाव लायेंगी इस पूरे चुनाव में ओंगो का वाम दल के प्रति रोष भी दिखाई दिया था।

अभी जो उत्तर प्रदेश में  भट्टा परसौल में भूमि अधिग्रहण का मामला आया है जिसने इतना वीभत्स रूप भी ले लिया इस पूरे प्रकरण में जिस तरह से राहुल बाइक पर जा कर गाँव वालों से मिले उनके दुःख को समझा और उन्हें आश्वाशन भी दिया कहीं ये राहुल का चुनावी स्टंट तो नहीं ?

जगत प्रकाश नड्डा : भट्टा परसौल में जो कुछ भी हुआ है वो कांग्रेस और बसपा के समझौते के तहत हुआ है ये हमारा आरोप नहीं हकीकत है जिस तरह से राहुल गाँधी भट्टा परसौल गांव जाते है उनके साथ रीता बहुगुणा जोशी और  दिग्विजय सिंह भी थे क्या बिना प्रशासन के मिली भगत के वहां कोई पहुँच सकता था हमारे नेता जब वहां गए तो उन्हें नॉएडा में ही गिरफ्तार कर लिया गया देखिये ये सभी एक सोची समझी रणनीति है जिससे कांग्रेस अपने वोट बैंक बनाना चाहती है लेकिन ये नहीं होने वाला है इस तरह से लोंगो पर जुल्म कर कोई भी पार्टी अपना वोट बैंक नहीं बना सकती ।  टप्पल में भी राहुल गाँधी ने किसानों से भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़े बड़े वायदे किए थे यकीन क्या अभी तक संसद में ऐसा कोई बिल आया ये साडी सिफ उनकी कोरी राजनीति है ।

क्या जब इस बार सरकार संसद में भूमि अधिग्रहण विधेयक लाती है तो आप इसपर सहमती दे कर इसको पास करवाएंगे ?

जगत प्रकाश नड्डा : पहले सरकार बिल तो लाये जब सरकार इसे लाएगी तब इस बिल ओ हमारा पूरा समर्थन रहेगा जो प्रयास देश हित में होने उन पर हम निर्विरोध खड़े रहेंगे लेकिन ये सब कांग्रेस के दिखाने के दांत हैं । अगर कांग्रेस की सरकार को किसानो की इतनी चिंता होती तो वो ये बिल कब से अटका नहीं होता । इस भ्रष्टाचार  के पूरे खेल में केंद्र ही नहीं राज्य सरकार भी फंसी हुयी है तभी मायावती इस तरह से  कांग्रेस के हर भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए उने साथ खडी  हो जाती है ।

भट्टा परसौल के मुद्दे पर आपकी आरती की क्या मांग है जिस तरह से वहां कानून व्यवस्था की धज्जिय उड़ रही है उसको लेकर आपकी पार्टी का क्या स्टेप है ?

जगत प्रकाश नड्डा : इसमे मायावती को किसानों को  बुला कर बात करनी चाहिए और बीच का कोई रास्ता निकालना चाहिए न की इस तरह बन्दूंक की नोक पर किसानों के जमीन का अधिग्रहण करना चाहिए जिस तरह से एक किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया को प्रदेश सरकार ने चिन्हित कर दिया है ये सरासर गलत है मैं इसका विरोध करता हूँ । यहाँ तो भूमि अधिग्रहण के नाम पर सरकार किसानो के जमीन ओने- पौने दाम पे ले बिल्डरों को दे रही है किसानो को उचित मुआबजा मिलाना चाहिए न की उन पर पुलिसिया बर्बरता ढाहना चाहिए ।

आपकी पार्टी में उमा भारती की वापसी को लेकर अटकले तेज़ हो गयी है ऐसे में उनकी वापसी में इतनी देरी क्यों हो रही है ?

जगत प्रकाश नड्डा : उमा जी के बारे में कोई भी फैसला पार्टी आलाकमान  करेगी जब भी उमा जी पार्टी में आयेंगी आपको पता चल जायेगा।

आगामी उत्तर प्रदेश  में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर आप की पार्टी क्या रणनीति रहेगी ?

जगत प्रकाश नड्डा : उत्तर प्रदेश की जनता ने मुलायम और मायावती दोनों को देख लिया है और केंद्र में बैठी कांग्रेस सरकार ने भी अपने कारनामे लोंगो को दिखा दिए हैं ऐसे में प्रदेश के लोंगो के लिए भाजपा एक अच्छा  विकल्प है हमारे द्वारा सभी शासित राज्यों में विकास दर तेज़ी पर है हालाँकि केद्र उन राज्यों को सुबिधाये देने में आनाकानी ही करता है फिर भी भाजपा शासित सभी राज्य विकास  की राह पर अग्रसर है उदहारण कई हैं किसी को भी उठा कर देख लीजिये

 

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