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अन्ना के आन्दोलन का फल केजरीवाल को मिला !

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एनएनआई डेस्क
लखनऊ.
भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के आन्दोलन को कमजोर करने तथा अन्ना के नाम का प्रयोग कर राजनीति करने वालों ने अब अन्ना के सहयोगी अरविन्द केजरीवाल तथा उनकी संस्था पर हमला करना शुरू कर दिया है। स्वामी अग्निवेश ने नया आरोप लगाते हुए अन्ना के आन्दोलन के दौरान जो धनराशि जमा हुई थी उसे केजरीवाल ने अपनी संस्था के खाते में जमा किया है जो जनता के साथ एक धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल का ऐसा करना एक प्रकार का भ्रष्टाचार है।

ज्ञात हो कि कुछ सप्ताह पूर्व दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना हजारे ने केन्द्र सरकार के खिलाफ अनशन किया था। जनलोकपाल बिल की मांग के लिए अनशन पर बैठे श्री हजारे के समर्थन में हजारों की संख्या में लोग रामलीला मैदान में एकत्र थे इस दौरान अनशन पर बैठे अन्ना हजारे व उनके समर्थकों के लिए भोजन व दवाइयों के लिए दिल्ली ही नहीं बल्कि कई अन्य प्रदेशों से लोगों ने सहयोग किया और काफी रुपया दान में दिया। अनुमान के अनुसार अनशन के दौरान करीब 70 से 80 लाख रुपया एकत्र हुआ।

अग्निवेश के मुताबिक कुछ रूपया तो उस वक्त खर्च हुआ लेकिन अनशन समाप्त होने के बाद बचे रूपये को रखा गया। यह रुपया टीम अन्ना के सहयोगी के वरिष्ठ सदस्य अरविंद केजरीवाल की संस्था पीसीएसएफ के खाते में जमा करा दिया गया था। धनराशि चाहे जिस नियत से संस्था के खाते में जमा की गयी हो लेकिन देश के राजनीतिज्ञों को यह बात रास नहीं आ रही है कि उपरोक्त धनराशि केजरीवाल के खाते में जमा की जानी चाहिए।

अब मंच पर खड़े होकर लोगों को अन्ना हजारे के सहयोगियों को खिलाफ भड़काने की नियत से स्वामी अग्निवेश ने केजरीवाल पर अवैध तरीके से जनता का पैसा अपनी संस्था के नाम पर जमा करने आरोप लगाया। हालांकि वह यह नहीं बता सके कि यदि रकम केजरीवाल की संस्था में जमा न होती तो कहां जमा होती लेकिन उन्होंने केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का अरोप जरूर लगा दिया। जानकारों का कहना है कि स्वामी अग्निवेश ही नहीं कई अन्य ऐसे नेता हैं जो भ्रष्टाचार की आड़ लेकर अन्ना हजारे के आन्दोलन को कमजोर करना चाहते हैं जिस वजह से वह अन्ना के सहयोगियों पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं।


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