करोड़ पति बना सीएमओ कार्यालय का बाबू

एनएनआई  (उत्तर प्रदेश )             जलौन केसीएमओ कर्यालय में तैनात एक बरिष्ठ सहायक जिसने सीएमओ कार्यालय का काम कम ड्रग इंस्पेक्टर के साथ पूरी ड्यूटी देकर वेतन सीएमओ कार्यालय से आहरण करता है और ड्रग इंस्पेक्टर अभिहित कार्यालय से। बसपा सरकार ने ड्रग एव खाद्य पूर्ति कार्यालय को सीएमओ कार्यालय से हटाकर कलेक्ट्रेट में मर्ज कर दिया था।सीएमओ  कितने आये कितने गए लेकिन किसी भी सीएमओ की निगाहें  इस संचालित ड्रग कार्यालय  पर नही पड़ी ।यह दोनों  सीएमओ एव अभिहित कार्यालय से आंख मिचौली कब से करते चले आ रहे है।इस आंख मिचौली से ही सीएमओ कार्यालय का बाबू करोड़ पति वन गया।ड्रग इंस्पेक्टर क्या वना होगा आप स्वयं आडिया लगा सकते है।वही 

ड्रग इंस्पेक्टर बाबू कलेक्ट्रेट दपत्तर में अपनी हाजरी भरके परिबार के भरण पोषण के लिए मुहताज हो रहा है।

       योगी सरकार ऐसे करोड़ पति बाबूओं की जांच करायेगी ।या फिर बर्षो से तैनात सीएमओ कार्यालय के बरिष्ठ बॉबू की तरह  करोड़पति वनते रहेंगे ।
2007 में बसपा सरकार ने खाद्य पूर्ति एवं ड्रग कार्यालय को सीएमओ कार्यालय से हटाकर कलेक्ट्रेट में सम्बन्ध कर दिया था।सीएमओ कार्यालय के दपत्तर के एक कमरे में औषदि कर्यालय चलता रहा है किसी भी सीएमओ की निगाहे उस कमरे की ओर नही गई जिसमें ड्रग औषदि कार्यालय सीएमओ का बरिष्ठ सहायक एवं ड्रग इंस्पेक्टर बखूबी संचालित करता चला आ रहा था।खास बात तो यह है कि ड्रग इंस्पेक्टेर अभिहित कार्यालय से तो बरिष्ठ बाबू सीएमओ कार्यालय से अपना अपना बेतन आहरण करते है।बाबू करोड़ पति कैसे बना आप जानकर हैरान हो जाएगें ।नवीन मेडीकल स्टोरों की फाइल तैयार करके लाइसेंस देने के नाम पर एक लाख से डेढ़ लाख की धन बसूली करके एवं ड्रग इंस्पेक्टर की सहमति से मेडिकल संचालको को सेम्फुलिंग,नसिले पदार्थ न बेचने फार्मिसिस्ट न बैठाने एव रिन्यूवल न करने की धमकी देकर धन उगाई से सीएमओ कार्यालय का बॉबू करोङ पति वन गया यह विभागीय सूत्र कह रहे है।सूत्र यह भी कहते है किे आलीशान कोठी के अलावा चौपहिया वाहन से लेकर दोपहिया बाहन है ।जबसे सीएमओ अल्पना ने उक्त करोड़ पति बॉबू के कमरे में ताला लगाया उसी दिन से बुलट मैंन बुलट से कलेक्ट्रेट से सीएमओ कर्यालय के चक्कर लगा रहा है आज वह अभिहित अधिकारी कार्यालय में अभिहित अधिकारी प्रियंका सिंह से बार्ता करते  देखा गया प्रियंका सिंह का कहना है कि सीएमओ के से हमारे कर्यालय से कोई ताल्लुक नही हूँ ।यह ड्रग ड्रग इंस्पेक्ट ही जाने ।और वही औषदि वाबू थापा की माने तो ड्रग इस्पेक्टर आये दिन उसे दुतकारता रहता है।थापा ने मीडिया के सामने यह भी बताया कि गोपनीय डायरी उक्त बॉबू के पास रहती है।धन बसूली की जाती है ।किससे कितना आता है यह मुझे नही बताया जाता है यह ड्रग इंस्पेक्टर और सीएमओ कर्यालय के बॉबू के बीच लेखा जोखा रहता है।जबकि औषदि कार्यालय का सहायक लिपिक में हूँ।फिर भी दपत्तर की गोपनीयता अन्य विभागीय कर्मचारी को दी जाती है।जिसका जबाब ड्रग इंस्पेक्ट ही देंगे।