ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट पर सीबीआई की नजर , सीएम योगी ने दी जाँच का आदेश

एनएनआई  (लखनऊ )     प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते ही पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। विवादों में घिरी गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की योगी सरकार सीबीआई जांच कराएगी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता वाली कमेटी ने हाल ही में अपनी कार्रवाई संस्तुति रिपोर्ट में इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। जिसके बाद सीएम योगी सीबीआई जांच के लिए हरी झंडी दे दी है। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुछ समय पहले रिवर फ्रंट परियोजना का दौरा कर तमाम गड़बड़ियों को पकड़ा था। 

इसके बाद मुख्यमंत्री ने इसकी तह तक जाने के लिए न्यायमूर्ति आलोक सिंह की अध्यक्षता में एक जांच समिति बना कर जांच करने को कहा। 

जांच कमेटी ने 15 दिन से कम वक्त में अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दी। 

 सुरेश खन्ना के अध्यक्षता में बनी थी कमेटी

-मुख्यमंत्री ने आरोपी अफसरों पर कार्रवाई तय करने के लिए लिए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी। 

-कमेटी ने 16 जून को अपनी सीलबंद कार्रवाई रिपोर्ट सीएम को सौंप दी। 

-इसी में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। 

-सिंचाई, जल निगम व पर्यावरण विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने को कहा गया है।

-राजधानी में गोमती रिवर फ्रंट परियोजना का काम अभी जारी है

 क्या है रिवर फ्रंट परियोजना? 

-रिवर फ्रंट परियोजना पिछली अखिलेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट रही है। 

-वर्ष 2014-15 में गोमती नदी के चैनलाइजेशन परियोजना के लिए 656 करोड़ रुपये की धनराशि तय की गई।

-लेकिन इसमें 1,513 करोड़ रुपये ले लिए गए। परियोजना का सिर्फ 60 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ। 

-इसके तहत नदी के दोनों किनारों पर दीवार खड़ी कर वहां सुन्दरीकरण के काम कराए गए लेकिन गोमती नदी में गिरते नालों का डायवर्जन नहीं किया जा सका।